तहसील सदर में दाखिल-खारिज कार्यों में भ्रष्टाचार की आशंका, कंप्यूटर ऑपरेटर की जांच की मांग

सिंदुरिया (महराजगंज)सदर तहसील में दाखिल-खारिज (नामांतरण) कार्यों में कथित अनियमितता, अवैध धन वसूली और कंप्यूटर ऑपरेटर की कार्यप्रणाली को लेकर मामला सामने आया है। इस संबंध में शिकायतकर्ता श्रवण कुमार वर्मा ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने मामले में पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।जिलाधिकारी को दिए गए शिकायती पत्र में बताया गया है कि तहसील सदर में विनोद नामक व्यक्ति कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्य कर रहा है। शिकायतकर्ता ने उसकी वास्तविक नियुक्ति, पदनाम, कार्यक्षेत्र और अधिकारों की स्थिति स्पष्ट कराने की मांग की है। साथ ही यह भी जांच कराने का अनुरोध किया है कि संबंधित व्यक्ति की नियुक्ति नियमित, संविदा अथवा आउटसोर्सिंग के माध्यम से हुई है।शिकायत में आशंका जताई गई है कि दाखिल-खारिज के लिए आने वाले आवेदकों से निर्धारित सरकारी शुल्क के अतिरिक्त धनराशि की मांग तो नहीं की जा रही है। कंप्यूटर ऑपरेटर को आवेदकों से नकद अथवा ऑनलाइन भुगतान लेने का अधिकार है ढया नहीं, इसकी भी जांच कराने की मांग की गई है।शिकायतकर्ता ने पिछले तीन वर्षों के दाखिल-खारिज कार्यों का परीक्षण कराने, ऑनलाइन रिकॉर्ड, डिजिटल लॉग, शुल्क भुगतान की रसीदों और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने का अनुरोध किया है। साथ ही जांच के दौरान सभी सरकारी अभिलेखों एवं डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है।शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में रिश्वत मांगने का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण उनके पास नहीं है और शिकायत का उद्देश्य किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि जनहित में व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है।उन्होंने जिलाधिकारी से किसी सक्षम एवं निष्पक्ष अधिकारी से जांच कराकर अनियमितता या अवैध वसूली प्रमाणित होने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई करने तथा जांच रिपोर्ट और कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप में उपलब्ध कराने की मांग की है। अब प्रशासनिक स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर लोगों की निगाहें टिकी हैं।

सिंदुरिया सवांददाता -रिंकू गुप्ता कि रिपोर्ट

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