निचलौल(महराजगंज)निचलौल तहसील क्षेत्र के पैकवली कला गांव की निवासी उजाला खातून (26 वर्ष), पत्नी अब्दुल करीम, की प्रसव के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से परिजनों में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों ने निजी अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है। जानकारी के अनुसार, उजाला खातून को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन रविवार को निचलौल स्थित बाला जी हॉस्पिटल में भर्ती कराए थे। अस्पताल में ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कराया गया, जिसमें एक बच्ची का जन्म हुआ। बताया जा रहा है कि उजाला खातून की पहले से दो बेटियां थीं और तीसरी संतान के रूप में भी बच्ची का जन्म हुआ। परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के कुछ ही घंटे बाद प्रसूता की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे तत्काल एक निजी एम्बुलेंस से गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि उजाला खातून की मौत अस्पताल में ही हो चुकी थी और मामले को छिपाने के लिए उसे गोरखपुर रेफर किया गया।मृतका के पति अब्दुल करीम बाहर रहकर मजदूरी करते हैं और परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पति के घर पर मौजूद न रहने के कारण आसपास के लोगों और रिश्तेदारों ने ही उजाला को अस्पताल पहुंचाकर उपचार की व्यवस्था की थी। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। नवजात बच्ची समेत तीनों बेटियां अब मां के साये से वंचित हो गई हैं। घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए अस्पताल संचालक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हो सका। अस्पताल का पक्ष मिलने पर समाचार में उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
जिला प्रभारी -विजय पाण्डेय की रिपोर्ट
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