निचलौल(महराजगंज)कस्बे में समाचार संकलन के दौरान एक पत्रकार को कथित रूप से धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। पत्रकार ने आरोप लगाया है कि वायरल वीडियो की पुष्टि और खबर तैयार करने के दौरान मौजूद कांस्टेबल अशोक यादव समाचार प्रकाशित होने से नाराज हो गए और कैमरा बंद होने के बाद उन्हें कथित रूप से धमकी दी। पत्रकार के अनुसार, घटना के समय मौके पर अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, लेकिन किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी ने खबर को लेकर कोई आपत्ति नहीं जताई। उनका कहना है कि उन्होंने उपलब्ध तथ्यों के आधार पर समाचार प्रकाशित किया था, जिसके बाद उन्हें निशाना बनाया गया। पत्रकार का आरोप है कि यदि उस समय स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव नहीं किया होता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि कैमरा बंद होने के बाद भी कथित रूप से उन्हें धमकाया जाता रहा। पत्रकार ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ समय पहले इसी कांस्टेबल का नाम एक अन्य विवाद में भी सामने आया था, जिसमें एक पीड़िता को ₹5,000 “दान” देने की बात चर्चा में आई थी। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले को लेकर पत्रकार ने अपनी सुरक्षा पर चिंता जताते हुए आशंका व्यक्त की है कि उनके विरुद्ध किसी प्रकार की साजिश रची जा सकती है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
जिला प्रभारी-विजय कुमार पाण्डेय की रिपोर्ट
Star Public News Online Latest News