निचलौल(महराजगंज) विकास खण्ड निचलौल क्षेत्र के ग्राम पंचायत सोहगीबरवा में सरकारी धन के दुरुपयोग और फर्जी लेबर भुगतान का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत सचिव आशुतोष दुबे द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुए अपने निजी मुंशी के खाते में सरकारी धन का भुगतान कराया जा रहा है। इस खुलासे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सचिव का निजी मुंशी धर्मेंद्र यादव, जो दुर्गवलिया ग्राम सभा का निवासी बताया जा रहा है, ब्लॉक मुख्यालय पर सचिव के कमरे में बैठकर उनके कागजी कार्यों का संचालन करता है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि ग्राम पंचायत सोहगीबरवा में हुए विकास कार्यों के मस्टरोल में उसे मजदूर दर्शाकर भुगतान किया गया है।मामले का खुलासा तब हुआ जब ग्राम पंचायत में “विरासत वृक्ष” के चबूतरे के सौंदर्यीकरण व टायलीकारण कार्य से संबंधित भुगतान का रिकॉर्ड खंगाला गया।धर्मेंद्र यादव के नाम पर प्रथम किस्त के रूप में ₹500 का भुगतान किया गया। उसी कार्य के लिए लेबर पेमेंट के नाम पर पुनः ₹5,280 की राशि मुंशी के खाते में स्थानांतरित कर दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि जो व्यक्ति दिनभर ब्लॉक मुख्यालय में सचिव के निजी कार्यों में व्यस्त रहता है, उसने सोहगीबरवा में मजदूरी कब और कैसे की? ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह सिर्फ एक मामला नहीं, बल्कि सचिव द्वारा अपने करीबियों के नाम पर फर्जी भुगतान कर सरकारी बजट के दुरुपयोग का बड़ा खेल चलाया जा रहा है। इस संबंध में सहायक विकास अधिकारी विनय पाण्डेय का कहना है की जांच कर कार्रवाई निश्चित की जाएगी।
जिला प्रभारी-विजय कुमार पाण्डेय की रिपोर्ट
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