निचलौल(महराजगंज)ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित आवासीय सुविधा देने के उद्देश्य से बनाए गए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, टेंगरी के नए भवन की हालत संचालन शुरू होने से पहले ही खराब होने लगी है। विद्यालय में हाल ही में कक्षा 9 में छात्राओं का प्रवेश हुआ है, लेकिन भवन अभी पूरी तरह संचालित भी नहीं हो पाया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं। विद्यालय के नए भवन का स्लैब और बरामदा जगह-जगह से टूटने लगा है। फर्श पर बड़ी-बड़ी दरारें और गड्ढेनुमा झड़-झांकियां
दिखाई दे रही हैं। कई स्थानों पर सीमेंट और प्लास्टर उखड़कर बिखर रहा है। भवन की स्थिति देखकर अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो छात्राओं की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। सरकार द्वारा बेटियों की शिक्षा के लिए बड़ी धनराशि खर्च कर आधुनिक भवन तैयार कराया गया, लेकिन विद्यालय शुरू होने से पहले ही भवन में दरारें और टूट-फूट सामने आना निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है। निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई और घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिसके कारण भवन इतनी जल्दी खराब होने लगा। विद्यालय परिसर में नियमित साफ-सफाई और रखरखाव नहीं होने से फर्श की टूट-फूट और अधिक दिखाई देने लगी है। बरामदों और कमरों में निर्माण संबंधी खामियां स्पष्ट नजर आ रही हैं। यदि भवन का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए तो कई और गंभीर कमियां सामने आ सकती हैं। विद्यालय को इंटरमीडिएट स्तर तक उन्नत किए जाने के बाद यहां बड़ी संख्या में छात्राओं के अध्ययन और आवास की व्यवस्था होनी है। ऐसे में भवन की खराब स्थिति छात्राओं की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। जब भवन अभी उपयोग में भी नहीं आया और यह हाल है, तो आने वाले वर्षों में इसकी स्थिति और गंभीर हो सकती है।
जिला प्रभारी -विजय कुमार पाण्डेय की रिपोर्ट
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