निचलौल(महराजगंज़)अवैध खनन पर प्रशासनिक सख्ती के दावों के बीच सिसवा विकास खण्ड के ग्राम सभा गेरमा से सामने आए एक वायरल वीडियो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दुर्गा मंदिर के पीछे स्थित तालाब से कथित तौर पर जेसीबी मशीन के माध्यम से बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों के बीच चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है। वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि ग्राम सभा के रकबा संख्या 504 स्थित तालाब में मनरेगा एवं सुंदरीकरण कार्य के नाम पर मिट्टी की खुदाई कराई गई। आरोप है कि निकाली गई मिट्टी का उपयोग सार्वजनिक कार्यों के बजाय निजी लाभ के लिए किया गया। वीडियो में ग्राम प्रधान राजेश यादव तथा जेसीबी संचालक सुनील सिंह का नाम लेते हुए विभिन्न आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब गांव की महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्ति है, जिसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन बनाए रखना है। ऐसे में यदि सरकारी योजनाओं की आड़ में मिट्टी का कथित दोहन किया गया है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि क्षेत्र में पूर्व में भी खनन संबंधी शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हो सकी। मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया है क्योंकि जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल द्वारा जिले में अवैध खनन रोकने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई के निर्देश दिए जाते रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि यदि वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों में सच्चाई है तो आखिर जिम्मेदार विभागों की नजर इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ी। वायरल वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। उपजिलाधिकारी निचलौल सिद्धार्थ गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच के लिए संबंधित हल्का लेखपाल एवं कोठीभार थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रभारी -विजय कुमार पाण्डेय की रिपोर्ट
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