महराजगंज़/नेपाल। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद अब जब कई इलाकों में पानी का वेग कुछ कम हुआ है, तब तबाही का भयावह मंजर सामने आ रहा है। नदियों के किनारे और निचले इलाकों में बहकर आए शव दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों और प्रशासन की टीमें शवों को बाहर निकालने में जुटी
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान नेपाल के बी-गैप क्षेत्र में ठोकर नंबर 13 से लेकर ठोकर नंबर 3 तक कई स्थानों पर बाढ़ से बहकर आई लकड़ियों, मलबे और अन्य सामग्री के बीच शवों की तलाश का मंजर दिखाई दिया। नेपाल प्रहरी और प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं। स्थानीय लोग भी रस्सी और अन्य साधनों के सहारे नदी किनारे फंसे शवों तथा मलबे को बाहर निकालने में मदद कर रहे हैं।
कई जगहों पर शवों की स्थिति बेहद क्षत-विक्षत दिखाई दे रही है। कहीं शरीर का हिस्सा तो कहीं पैर आदि मिलने की बात सामने आ रही है। बच्चों के शव मिलने की सूचना ने इस त्रासदी को और भी हृदयविदारक बना दिया है। हालांकि, बरामद शवों की वास्तविक संख्या और उनकी पहचान की आधिकारिक पुष्टि संबंधित नेपाली प्रशासन द्वारा ही की जा रही है।
बाढ़ के दौरान तेज बहाव में बहकर गए लोग और मलबा अब पानी की सतह कम होने के साथ नदी के किनारों पर दिखाई देने लगे हैं। नेपाल पुलिस की आधिकारिक सूची में नवलपरासी, चितवन, तनहूं समेत कई इलाकों में अज्ञात शव मिलने का सिलसिला दर्ज किया गया है।
स्थानीय स्तर पर बाढ़ के साथ बहकर आई बड़ी-बड़ी लकड़ियां और अन्य सामान भी किनारों पर जमा हैं। लोग रस्सियों और स्थानीय स्तर पर बनाए गए जुगाड़ के जरिए इन लकड़ियों को बाहर निकाल रहे हैं। नदी किनारे का बड़ा हिस्सा लकड़ियों और मलबे से पट गया है।
नेपाल में सैकड़ों मौतें, हजारों लोग अब भी लापता
26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में आई भयावह फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। इसके बाद नेपाल के विभिन्न हिस्सों में राहत और बचाव अभियान चलाया गया। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, नेपाल में सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। आंकड़े लगातार बदल रहे हैं क्योंकि दूरदराज के इलाकों से शव मिलने और लापता लोगों की जानकारी सामने आने का सिलसिला जारी है। नेपाल पुलिस के रिकॉर्ड में नदियों के किनारे और विभिन्न स्थानों पर मिले कई अज्ञात शवों का विवरण दर्ज है। कुछ शव नवलपरासी पश्चिम और पूर्व, चितवन तथा तनहूं जैसे इलाकों में भी मिले हैं।पालतू जानवर और मछलियां भी बनीं तबाही का शिकार बी-गैप क्षेत्र में बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नदी और किनारे पर पालतू पशुओं के शव भी दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक बाढ़ के तेज बहाव में बड़ी संख्या में पशु भी बह गए। पानी में मछलियों के मरने से भी नदी किनारे दुर्गंध फैलने लगी है।बाढ़ का पानी कम होने के साथ अब नदी किनारे जमा मलबे को हटाने और शवों को तलाशने का काम चुनौती बन गया है। प्रशासन की टीम शवों को निकालकर पहचान और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए भेज रही है।
जिला प्रभारी -विजय कुमार पाण्डेय कि रिपोर्ट
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