गौसदन में लापरवाही से कई गौवंश मृत, उच्च स्तरीय जांच की मांग

निचलौल (महराजगंज)निचलौल तहसील के मदनपुर गौसदन की हालत इन दिनों बेहद खराब है। राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष ने गुरुवार को गौसदन का दौरा किया, जहां का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए। जिलाध्यक्ष के साथ संगठन के कई कार्यकर्ता और हिंदू युवा वाहिनी के समर्थक भी मौजूद रहे।गौसदन में प्रवेश करते ही कार्यकर्ताओं ने पाया कि परिसर में 5 से 6 गौवंश मृत अवस्था में पड़े हैं। शवों को चिड़ियां और कीड़े-मकोड़े नोच रहे थे, जिससे दुर्गंध फैल रही थी। वहीं जीवित गौवंश भी बेहद दयनीय हालत में पाए गए। चारे के नाम पर उन्हें सड़ा-गला और गंदगी से भरा चारा परोसा जा रहा था।जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि गौशाला संचालन में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि जिम्मेदार लोग मृत गौवंशों को जेसीबी मशीन से खोदकर गौसदन परिसर में ही दफना देते हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा और बढ़ जाता है।इस स्थिति से आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि गौवंश संरक्षण के नाम पर सरकारी बजट तो जारी किया जाता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी इसकी उचित देखरेख नहीं कर रहे हैं।

राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।इस मौके पर बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने गौसदन की दयनीय हालत को देखते हुए प्रशासन से अपील की कि गौवंश की सही देखभाल सुनिश्चित की जाए, चारा-पानी की व्यवस्था सुधारी जाए और मृत जानवरों के निपटारे की वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाए।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पूर्व में भी कई बार गौसदन में लापरवाही और गौवंशों की मृत्यु की खबरें सामने आती रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे साफ जाहिर होता है कि लापरवाहियों पर पर्दा डालने की कोशिश की जाती है।यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि जब सरकारी गौसदन में ही गौवंश सुरक्षित नहीं हैं, तो खुले में घूमने वाले बेसहारा पशुओं की स्थिति का अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं है।

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