सिंदुरिया(महराजगंज) विकास खंड मिठौरा के सभागार में विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 के तहत ‘पंच सम्मेलन’ का आयोजन सोमवार, को किया गया। सम्मेलन में ग्राम प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीण विकास से जुड़े लोगों की सहभागिता रही । कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण विकास, जनभागीदारी और रोजगार से जुड़े प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों की भूमिका, पंचायतों के माध्यम से विकास कार्यों को गति देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका के अवसर बढ़ाने पर चर्चा की गई जिला विकास अधिकारी भोलानाथ कन्नौजिया ने कार्यक्रम की जाकारी देते हुए बताये की विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 ग्रामीण रोजगार नीति में महत्वपूर्ण बदलाव जुड़ा है। इस योजना में 318 कार्य कराये जा सकते हैं केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस व्यवस्था में ग्रामीण परिवारों के लिए वैधानिक मजदूरी रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। साथ ही ग्रामीण आजीविका, पंचायतों की भागीदारी, योजनाओं के अभिसरण और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।खंड विकास अधिकारी राहुल सागर ने बताया कि मिठौरा में आयोजित होने वाले पंच सम्मेलन एक नई व्यवस्था को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों के बीच जानकारी और संवाद का माध्यम बनेगा। सम्मेलन में ग्रामीण रोजगार, ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारियों, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनभागीदारी जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से भी अधिनियम को लेकर देशभर में जागरूकता अभियान चलाए जा रहा हैं। पंचायतों और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 को केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू किया है। इसके साथ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को समाप्त कर नई व्यवस्था लागू की गई है। नई व्यवस्था में प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी दी गई है। नई व्यवस्था मे मजदूरों को ₹300 प्रतिदिन मजदूरी दिया जाएगा कृषि कार्य के चरम समय में श्रमिकों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए राज्य सरकारों को 60 दिनों तक कार्य विराम निर्धारित करने का प्रावधान है। इस दौरान बुवाई और कटाई जैसे कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। वीबी-जी राम जी में मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया को तेज करने पर भी जोर दिया गया है। विभिन्न स्तरों पर योजना के क्रियान्वयन में मजदूरी भुगतान सात दिनों के भीतर करने की व्यवस्था को प्रमुखता दी जा रही है। योजना के शुभारंभ के दौरान भी सात दिन में मजदूरी भुगतान और कार्यस्थल पर बायोमेट्रिक हाजिरी की जानकारी दी गई

सिंदुरिया सवांददाता-रिंकू गुप्ता की रिपोर्ट
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