निचलौल(महराजगंज) स्थानीय ब्लॉक परिसर निचलौल में उस समय हड़कंप मच गया जब पशुओं के लिए आई दवाओं को एकत्र कर आग के हवाले कर दिया गया। इस घटना से पूरे परिसर में जहरीला धुआं फैल गया, जिससे कर्मचारियों और वहां मौजूद लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लिक्विड दवाएं जैसे सिरप को नालियों में बहा दिया गया, जबकि उनके खाली डिब्बों को आग में जला दिया गया। इसके अलावा पशुओं के खाने वाले टैबलेट, इंजेक्शन और अन्य चिकित्सा सामग्री को भी एक जगह इकट्ठा कर
जलाया गया। दवाओं के जलने से उठे धुएं के कारण ब्लॉक परिसर में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया और लोग मुंह पर रुमाल रखकर वहां से हटने को मजबूर हो गए।इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। सरकार द्वारा पशुओं के इलाज के लिए मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं,
तो आखिर इतनी मात्रा में दवाएं एक्सपायर कैसे हो गईं और उन्हें इस तरह खुले में जलाने की जरूरत क्यों पड़ी।मामले में जब पशु चिकित्सक से संपर्क किया गया तो उन्होंने स्पष्ट किया कि यह दवाएं उनके विभाग की नहीं हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि ब्लॉक परिसर में ये दवाएं कहां से आईं और किसके निर्देश पर इन्हें जलाया गया।
जिला प्रभारी विजय कुमार पाण्डेय कि रिपोर्ट
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