खबर का हुआ असर तत्काल हटाया गया तिरंगा झंडा 

सिंदुरिया(महराजगंज) विकास खंड मिठौरा परिसर में खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर 15 अगस्त की सुबह मौके पर उपस्थित अधिकारी और कर्मचारियों ने बहुत सम्मान के साथ ध्वजारोहण कर वापस चले गये। वहीं शाम 5 बजे झण्डा उतरना भूल गए। शनिवार 16 अगस्त की सुबह ध्वजारोहण फहरता देखा गया इतनी बड़ी लापरवाही देश के तिरंगे के साथ शिक्षकों द्वारा किया गया जिसकी चर्चा चारों ओर चल रही है । सुबह स्टार पब्लिक न्यूज की टीम ने फोटो और वीडियो बना लिया। और शीर्षक तिरंगे का हो रहा अपमान के नाम खबर प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होने की सूचना पर तत्काल झण्डा उतारा गया। शिक्षा विभाग बच्चों को शिक्षित करता है। कि यह तिरंगा भारत की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है। केसरिया रंग साहस और बलिदान का, सफेद रंग शांति और सच्चाई का, और हरा रंग समृद्धि और विकास का प्रतीक है. बीच में अशोक चक्र, जो 24 तीलियों वाला है, हमें जीवन के 24 सिद्धांतों का पालन करने की प्रेरणा देता है।भारत का राष्ट्रीय ध्वज है. यह भारत की स्वतंत्रता, गौरव और एकता का प्रतीक है। 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा द्वारा अपनाया गया था, जो कि 15 अगस्त 1947 को भारत की स्वतंत्रता से कुछ दिन पहले की बात है।बच्चों को यह भी बताया गया कि तिरंगे का सम्मान करना क्यों जरूरी है। तिरंगे को कभी भी जमीन पर नहीं रखना चाहिए, उसे पानी में नहीं बहाना चाहिए, और न ही किसी भी चीज को उस पर रखना चाहिए. यह हमारे राष्ट्र के प्रति सम्मान और निष्ठा का प्रतीक है। अब सवाल यह उठता है कि शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा इतनी बड़ी गलती कैसे हुई। यह सबसे बड़ा सवाल है। अब देखना है कि प्रशासन इन लापरवाह लोगों के ऊपर कौन सी कार्रवाई करती है

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